अà¤à¥à¤¤à¤¾ नदी: इतिहास, परंपराà¤à¤‚ और नठतीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶
सबरीमाला तीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पड़ाव अà¤à¥à¤¤à¤¾ नदी, à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के मन और शरीर को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने वाला à¤à¤• पवितà¥à¤° तीरà¥à¤¥ है।
à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि
पारंपरिक à¤à¤°à¥à¤®à¥‡à¤²à¥€ मारà¥à¤— पर अà¤à¥à¤¤à¤¾ नदी à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। पौराणिक कथाओं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, महिषी का वध करने के बाद à¤à¤—वान अयà¥à¤¯à¤ªà¥à¤ªà¤¾ ने अपने असà¥à¤¤à¥à¤° इसी नदी में धोठथे।
à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ का विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि अà¤à¥à¤¤à¤¾ नदी में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने से तन और मन दोनों शà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाते हैं।
परंपराà¤à¤‚
अà¤à¥à¤¤à¤¾ नदी में पवितà¥à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने के बाद नदी के तल से à¤à¤• छोटा पतà¥à¤¥à¤° उठाना यहाठकी मà¥à¤–à¥à¤¯ परंपरा है। इस पतà¥à¤¥à¤° को बाद में 'कलीडà¥à¤‚गà¥à¤¨à¤°à¥€' में अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ किया जाता है।
नदी में उतरते समय शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ के साथ अयà¥à¤¯à¤ªà¥à¤ªà¤¾ मंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का जाप करें। à¤à¥€à¤¡à¤¼à¤à¤¾à¤¡à¤¼ से बचने के लिठसावधानी बरतें।
नदी से उठाया गया पतà¥à¤¥à¤° हमारे पापों और करà¥à¤®à¥‹à¤‚ के बोठका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• माना जाता है।
नठतीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (कनà¥à¤¨à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€) के लिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶
नठतीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पतà¥à¤¥à¤° उठाने और उसे अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करने के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ को अपने गà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ से समà¤à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
नठतीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¥€ हमेशा अपने गà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ या समूह के नेता के साथ ही रहें।
नदी के फिसलने वाले पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ से सावधान रहें। नदी पार करते समय अतà¥à¤¯à¤‚त सतरà¥à¤• रहना आवशà¥à¤¯à¤• है।